सैफ अली खान की नवाबी होगी चित्त - मोदी वार से 5000 करोड़ की प्रापर्टी नष्ट

तीन महीने पहले ही सैफ अली खान के पिता बनने की न्य

4 months ago
सैफ अली खान की नवाबी होगी चित्त - मोदी वार से 5000 करोड़ की प्रापर्टी नष्ट

तीन महीने पहले ही सैफ अली खान के पिता बनने की न्यूज़ मिली थी। करीना ने उनके बेटे को जन्म दिया और उनके बेटे का नाम तैमूर रखा गया। तैमूर के जन्म के बाद से ही उन्हें छोटा नवाब कहा जाने लगा। 

लेकिन गोरबतल है कि करीना का बेटा तैमूर, अब पिता सैफ की 5000 करोड़ की प्रॉपर्टी का वारिस नहीं बन पाएगा। दरहसल भारत सरकार के नए ऑर्डिनेंस के चलते उनकी यह संपत्ति सरकार जब्त कर लेगी। 

आपको बता दे कि बीते मंगलवार के दिन लोकसभा में 49 साल पुराने 'शत्रु संपत्ति कानून' में संशोधन करने की मंजूरी दे दी गई है। और राज्यसभा से तो इस कानून को बहुत पहले ही मंजूरी मिल चुकी थी। इस कानून के लागु होने पर पुरे देश में जितनी भी शत्रु सम्पति है उन्हें केंद्र सरकार जब्त कर लेगी। 


मोदी सरकार के फैसले से सैफ को लगेगा बड़ा झटका

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मोदी सरकार के इस फैसले से नवाब सैफ अली खान को बहुत बड़ा झटका लगने वाला है। यदि आपको जानकारी नहीं है तो हम बता दे कि बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान भोपाल रियासत के अंतिम नवाब हमीदुल्लाह से ताल्लुख रखते है। हमीदुल्ला खां का कोई बेटा नहीं था। उनकी तीन बेटिया थी, जिसमे से बड़ी बेटी आबिदा पाकिस्तान चली गई थीं और सबसे छोटी बेटी राबिया अपने ससुराल चली गई थीं। इसके बाद उनकी बीच वाली बेटी साजिदा सुल्तान, नवाब हमीदुल्लाह की वारिस बनी। 

साजिदा सुल्तान का निकाह पटौदी के नवाब इफ्तिखार अली से हुआ था। साजिदा और इफ्तिखार को एक बेटा और दो बेटियां हुईं। बेटीया सालेहा सुल्तान और सबीहा सुल्तान की  शादी हैदराबाद में हुई। बेटे मंसूर अली खां पटौदी की शादी एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर से हुई। बेटे होने के नाते जायदाद मंसूर अली खां को मिली थी। उनके बाद यह जायदाद शर्मिला टैगोर और सैफ अली खान संभाल रहे हैं।

मोदी सरकार द्वारा लिए गए इस कदम से सैफ अली खान की भोपाल स्थित दो कोठियां और करीब 2 हजार एकड़ की जमीन इस कानून के दायरे में आ सकती है। इस प्रॉपर्टी की कीमत 5000 करोड़ आंकी गई है, जिससे सैफ अली खान को हाथ धोना पढ़ सकता है।


शत्रु संपत्ति अधिनियम क्या है?

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49 साल पुराने शत्रु संपत्ति अधिनियम 1968 के संशोधन विधेयक 2016 के तहत वो संपत्ति आती हैं जिसका रखरखाव या जिसके मालिक या फिर जिसकी देखरेख कोई दुश्मन देश का नागरिक करता हो।

1962 का भारत-चीन युद्ध, 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद जो नागरिक दूसरे देशों में जाकर बस गए और उनकी इंडिया में प्रॉपर्टी रह गई और वे दूसरे देश में रहकर इन संपत्तियों की देखरेख कर रहे हैं तो ऐसी संपत्ति शत्रु संपत्ति कहलाती है।

देशभर में 16000 शत्रु संपत्तियां

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा को जानकारी दी कि देशभर में 16000 संपत्तियां, शत्रु संपत्ति हैं। इनकी कीमत 1 लाख करोड़ रूपए है। इन सम्पतियो में भोपाल के नवाब की संपत्ति, पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री जिन्ना की संपत्ति तथा उप्र और उत्तराखंड की रियासतों की संपत्तियां भी शामिल हैं।


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