पाकिस्तान के टुकड़े होना तय - ब्रिटिश संसद में प्रस्ताव पेश - मोदी पड़े फिर भारी

ब्रिटेन की संसद में लिए गए एक फैसले से पाकिस्तान ...

6 months ago
पाकिस्तान के टुकड़े होना तय - ब्रिटिश संसद में प्रस्ताव पेश - मोदी पड़े फिर भारी

ब्रिटेन की संसद में लिए गए एक फैसले से पाकिस्तान को बहुत बड़ा झटका लगा है। दरहसल ब्रिटिश संसद ने गिलगित-बाल्टिस्तान को भारत और जम्मू कश्मीर का अभिन्न अंग बताया है और पाकिस्तान द्वारा गिलगित-बाल्टिस्तान को अपना पांचवां प्रांत घोषित करने के प्रयास का विरोध किया है।

पाकिस्तान के कदम को कहा मनमाना

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ब्रिटिश संसद ने बील पास कर, प्रस्ताव में पाकिस्तान के इस कदम को 'मनमाना' करार दिया गया है। संसद में कहा गया है कि पाकिस्तान ने 1947 से गिलगित-बाल्टिस्तान पर गैरकानूनी तौर पर कब्जा कर रखा है जबकि यह जम्मू कश्मीर का अंग है।

गिलगित-बाल्टिस्तान है भारत का संवैधानिक हिस्सा

ब्रिटेन की संसद में गिलगित-बाल्टिस्तान को भारत का संवैधानिक हिस्सा बताया है। संसद द्वारा दिया गया यह सुझाव भारत के लिए काफी सकारात्मक है क्योंकि भारत 1947 में हुए बंटवारे के बाद से ऐतिहासिक और भौगोलिक आधार पर इस भाग को अपना बताता है। आपको यह भी बता दे कि विभाजन से पहले इस भाग पर ब्रिटेन का अधिकार था।


बड़ी सफलता है ब्रिटिश संसद का यह प्रस्ताव

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23 मार्च के दिन संसद में में कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने एक प्रस्ताव पेश किया जिसमें उन्होंने कहा कि पाकिस्तान गैरकानूनी ढंग से गिलगित-बाल्टिस्तान पर कब्जा करने की कोशिश की है जबकि यह उसका नहीं है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान यदि ऐसे कदम उठाता है तो दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ेगा।

पाकिस्तान के केवल चार प्रांत हैं

पाकिस्तान के चार प्रांत हैं बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा, सिंध, पंजाब लेकिन पाकिस्तान गिलगित-बाल्टिस्तान को अपना पांचवा प्रांत घोषित करने की तैयारी कर रहा है। जिसके विरोध में ब्रिटिश संसद ने पुष्टि कर पाकिस्तान के कब्जे को अवैध बताया है।

इसमें यह भी बताया गया है कि गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र के भूगोल में बदलाव करने की कोशिश की गयी हैं और इस इलाके से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को बेवजह और गैरकानूनी ढंग से ले जा रहे है।


चीन को फायदा पहुचाना चाहता है पाकिस्तान

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कहा जा रहा है कि पाकिस्तान के इस कदम का कारण 46 अरब डॉलर की लागत से बनने वाला चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर है जो गिलगित-बाल्टिस्तान से होकर गुजरेगा। गोरबतल है कि इस परियोजना पर भारत ने कई बार अपना ऐतराज भी जताया है। लेकिन चीन और पाकिस्तान ने भारत की आपत्ति को कभी भी गंभीरता से नहीं लिया है।

पाकिस्तान के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज की अगुवाई वाली समिति ने गिलगित-बाल्टिस्तान को अलग प्रांत का दर्जा देने का प्रस्ताव रखा है।

चीन का अडियल रवैया

चीनी विदेश मंत्रालय का इस विषय पर कहना है कि यह भारत और पाकिस्तान के बीच का मुद्दा है इसलिए इसका समाधान संबंधित पक्षों द्वारा बातचीत और विचार-विमर्श के जरिए उचित ढंग से होना चाहिये।

चीन ने यह भी कहा कि चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रोजेक्ट के चलते कश्मीर मुद्दे पर उसके रुख में कोई बदलाव नहीं आएगा।


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