क्या इस अनहोनी के डर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार से पहुंचे अमरकंटक?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल अमरकंटक की यात्रा की। यहां पर उन्होंने नर्मदा नदी के संरक्षण और प्रदूषण मुक्त बनाये जाने के लिए उठाये गए कदमों की रुपरेखा जारी की और 'नमामी देवी नर्मदे सेवा यात्रा' का समापन भी किया। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमरकंटक यात्रा में अटकलें थी कि वो हेलीकाप्टर से या सड़क मार्ग से अमरकंटक आएंगे। क्योंकि राजनीति में अमरकंटक का अपना एक अलग इतिहास रहा है, कहा जाता है कि जो भी राजनेता यहाँ आता है वो किसी न किसी मुश्किल में पड़कर अपना पद गंवा देता है। यह बात मोदी भी अच्छे से जानते है इसलिए वो हेलीकाप्टर से अमरकंटक पहुँचने के पहले ही किसी गांव में उतर गए और उन्होंने 8 किलोमीटर का सफर कार से पूरा किया।

  1. पूर्व प्रधानमंत्री स्वः इंदिरा गाँधी सन 1982 में अमरकंटक आई थी और उसके 2 साल के बाद 1984 में उनका देहांत हो गया था।
  2. स्वः पूर्व उप-राष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत अपने राष्ट्रपति चुनाव से पहले जब वे अमरकंटक हेलीकाप्टर से आये थे तो उसके बाद वे सत्ता से हाथ धो बैठे थे।
  3. मध्यप्रदेश के स्वः पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा बाबरी मज्जिद ध्वंस के समय यहाँ आये थे, तो उन्हें अपने पद से हटना पड़ गया था।
  4. मध्यप्रदेश के स्वः पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह अपने राजनैतिक काल में अमरकंटक आये थे। इसके बाद उन्हें कांग्रेस से बाहर कर दिया गया था।
  5. मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री रही उमा भारती अपने 2004 के राजनैतिक काल में उन्होंने अमरकंटक की यात्रा पर हेलीकाप्टर से पहुंची थी। जिसके बाद उन्हें अपना मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ गया था। जिसके बाद से जब भी उमा भारती अमरकंटक जाती तो वो सड़क मार्ग का प्रयोग करती है।भारत की सभी प्रमुख नदियाँ बंगाल की खाड़ी में मिलती हैं लेकिन माँ नर्मदा नदी सिर्फ अरब सागर में मिलती है।

मिथ्या या सच 

दरअसल एक मिथ्या है कि कोई भी नेता, मंत्री, मुख्यमंत्री या फिर राजनेता कोई भी अमरकंटक क्षेत्र में आसमान में उड़ान नहीं भरता है, क्योंकि माना जाता है कि जिसने भी माँ नर्मदा को लांघा है, उसे अपनी सत्ता गवानी पड़ी है।


प्रधानमंत्री मोदी ने किया नर्मदा सेवा यात्रा का समापन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी माँ नर्मदा यात्रा (6.1-5) समापन के लिए अमरकंटक पहुंचे, तो सबसे पहले वो सभी घाटों और मंदिरों में गए और उसके पश्चात उन्होंने माँ नर्मदा की पूजा अर्चना की। इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा "हमारे पूर्वजों ने जिस तरह नदियों की सेवा की है, उसका लाभ हम सबको मिल रहा है। मां नर्मदा के किनारे जो पेड़ लगाएंगे, ये आने वाली पीढ़ियों की सेवा होगी।" 

मोदी जी के आगमन के पहले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (5.1-2) और उनकी पत्नी साधना सिंह ने माँ नर्मदा को दिव्य धव्ज और कलश की पूजा अर्चना कर प्रदेश के लिए मंगलमय कामना की।

  • मोदी ने आगे कहा, "नर्मदा सेवा यात्रियों का पुण्य देश के काम आए। मां नर्मदा ने हमें जीवन दिया है, हमारे पूर्वजों ने इसकी रक्षा की है, लेकिन हमने इसकी रक्षा नहीं की।" 
  • "25 लाख से ज्यादा लोगों ने मां नर्मदा के संरक्षण का संकल्प लिया है। जन भागीदारी लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति होती है।"


मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने कहा

  • "मां नर्मदा की स्वच्छता के एक-एक शब्द को अक्षरशः ज़मीन पर उतारेंगे। नदियों के संरक्षण व संवर्धन के अध्ययन के लिए विवि में अलग से विभाग खोले जाएंगे।" 
  • नर्मदा को बचाने के लिए यूकेलिप्टस हटाएंगे। एक हटाकर 5 अन्य पेड़ लगाएंगे। मां नर्मदा के तट पर लगाए गए पेड़ों की रक्षा वृक्षरक्षक करेंगे।"
  • "नर्मदा जी के दोनों तट पर एक दिन में 6 करोड़ पौधे लगाएंगे। लाखों लाख लोगों ने नर्मदा सेवा यात्रा में संकल्प ले लिया कि हम नशा नहीं करेंगे।" 
  • "अमरकंटक में पीएम के आने से हमारे संकल्प को नई ताकत, नया उत्साह मिला है।"


स्वामी अवधेशानंद गिरी भी हुए शामिल

स्वामी अवधेशानंद गिरी ने कहा, "हम सब बहुत भाग्यवान हैं। हम सबको ऐसी सरकार मिली है, जो सर्वथा अनुकूल है। प्रदेश के जननायक, विभूति शिवराज सिंह ने बड़ा अनुष्ठान सिद्ध किया है।"


   
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