'थेरेसा मे' के चुनावी प्रचार में गूंज रहे है पीएम मोदी के नारे

करीब 8 महीने पहले जब अमेरिका में राष्ट्रपति चुना

2 months ago
'थेरेसा मे' के चुनावी प्रचार में गूंज रहे है पीएम मोदी के नारे

करीब 8 महीने पहले जब अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव अपने अंतिम चरण में थे। तब वहां एक नारा बार-बार लोगों को अपनी तरफ आकर्षित कर रहा था। वो नारा था "अब की बार ट्रम्प सरकार" यह नारा 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रचार में किये गए नारे "अब की बार मोदी सरकार" जैसा ही था। ये वो नारा था, जो 2014 के लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहा था।

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मोदी जी के इस नारे की ताकत को रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रम्प ने समझ लिया और अमेरिका में बसे भारतीय को अपने पक्ष में करने के लिए उन्होंने इस नारे का खूब इस्तेमाल किया। ठीक वैसे ही कंजरवेटिव पार्टी के प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवार थेरेसा के रणनीतिकारों ने भी इसे तुरुप का इक्का मान लिया है। इसलिए वो ब्रिटेन में रह रहे लगभग 16 लाख भारतीय नागरिकों को लुभाने की कोशिश कर रहे है। ब्रिटेन में इस माह 8 जून को होने वाले मध्यावधि चुनाव में थेरेसा मे का चुनावी मंत्र क्या है, जानिए?

  • दोस्तों, धन्यवाद,
  • शुक्रिया, मेहरबानी
  • अब फिर समय आया है साथ निभाने का
  • पिछले समय जो साथ निभाया, उसका भी सलाम
  • थेरेसा मे का साथ निभाना।
  • कंजर्वेटिव को है जिताना।

कंजरवेटिव पार्टी ने बनाया गाना

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थेरेसा में का चुनावी नारा हिंदी गाने के रूप बना है और यह गाना  कंजरवेटिव पार्टी की तरफ से 8 जून को होने वाले चुनाव के लिए तैयार किया गया है। इस गाने का टाइटल 'थेरेसा का साथ' है। 

ब्रेक्जिट के बाद थेरेसा ने यह पद संभाला और वो चुनावी मैदान में दोबारा से है। थेरेसा को अपने आगामी चुनाव में हिंदी गाने की जरुरत इसलिए पड़ी क्योंकि ब्रिटेन में 16 लाख भारतीय मूल के नागरिक रहते है। इस गाने को वहां के भारतीय मूल के कारोबारी रंजीत बख्शी ने की उपज बताया जा रहा है। जो कंजर्वेटिव फ्रेंड्स ऑफ इंडिया के साझा मुखिया हैं।

ब्रिटैन के राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के गाने को पंडित दिनेश ने इस गाने को लिखा और कंपोज़ किया है। इस गाने में ब्रिटिश इंडियन आर्टिस्ट नवीन कुंद्रा, राजा कसफ, केतन कंसरा, उर्मी चक्रवर्ती और रुबैय्यत जहां ने इस गाने को गाया है। इस गाने के वीडियो में थेरेसा के भारत के प्रति उनके लगाव को दिखाया गया है। इस गाने में थेरेसा इंडियन परिधान को पहने हुए है। राष्ट्रपति थेरेसा ने 2016 में की भारत यात्रा की फोटो को भी इस गाने में शामिल किया है।

डेविड कैमरन ने भी बनवाया था गाना

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इससे पहले भी 2015 में कंजर्वेटिव पार्टी के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने भी वहां पर रह रहे भारतीय मूल के नागरिकों के लिए नीला आसमान गाना रिलीज किया था। जिसके बोल कुछ इस प्रकार थे-

  • नील है आसमान
  • गगन विशाल
  • यही रंग है, ब्रिटेन की शान
  • आओ हम सब घुल-मिल जाएं
  • इस नील रंग के साथ
  • डेविड कैमरन, डेविड कैमरन

थाम लो इनका हाथ

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विदेश में रह रहे है भारतीय मूल के लोगों को अपनी और लुभाने का यह पहला मामला नहीं है। इस साल अमेरिका में हुए राष्ट्रपति चुनाव को कौन भूल सकता है। इस चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प की टक्कर देखने लायक थी, हालांकि ट्रम्प ने भारी बहुमत से जीत हासिल की थी। इस चुनाव को जितने के लिए ट्रम्प ने कई पैंतरे आजमाए। वहां पर रह रहे भारतीय मूल के नागरिकों को अपनी और आकर्षित करने के लिए ट्रम्प ने मोदी जी के चुनाव प्रचार का मंत्र इस्तेमाल किया है। ‘अबकी बार मोदी सरकार' की जगह उन्होंने 'अबकी बार ट्रम्प सरकार' नारे का इस्तेमाल किया है।

कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो का कमाल

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कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रुडो हमेशा खबरो में रहते है। इन्होने वहां पर रह रहे है भारतीय मूल के नागरिकों के प्रति अपना लगाव प्रकट करते हुए। साल 2012 के इंडो-कनाडा एसोसिएशन ने मोंट्रियल में भारतीय स्वतंत्रता दिवस मनाया था। इस अवसर पर जस्टिन ट्रुडो कुर्ते-पजामे में नजर आये थे। इस इवेंट में उन्होंने परफॉर्म कर रहे है ग्रुप के साथ पंजाबी गाने पर डांस भी किया था। इस समय वे प्रधानमंत्री नहीं थे।

बैक-बेंचर से ब्रिटेन की पीएम बनने की कहानी

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राष्ट्रपति थेरेसा के बारे में यह बात सभी जानते है कि वे लाइम लाइट में रहना पसंद करती है। इनका जन्म 1956 में एक सामान्य  परिवार में हुआ और थेरेसा की साधारण स्कूल से पढ़ाई हुई। थेरेसा ने अपने काबिलियत पर ऑक्सपोर्ड यूनिवर्सिटी से जियोग्राफी की पढाई की।

वहां पर थेरेसा पाकिस्तान की स्वः पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भूट्टों की मित्र थी। थेरेसा को पारिवारिक दिक्कतों का सामना करते हुए कॉलेज छोड़ना पड़ा था। इसके बाद उनके पिता का स्वर्गवास हो गया और कुछ ही समय के बाद उनकी माँ का भी स्वर्गवास हो गया था।

थेरेसा बैंक ऑफ़ लंदन में काम कर चुकी है और साउथ लंदन में काउंसलर चूने जाने के बाद से उनका राजनीतिक सफर चालू हो गया। थेरेसा मई सन 1997 में सांसद बनी, उनकी काबिलियत को देखकर आम ब्रिटंस भी दंग थे। ब्रिटिश संविधान में विपक्ष के भी लोग संसद में एक कैबिनेट बनाते है जिसका नाम "शैडो कैबिनेट" रखा गया है। इस कैबिनेट में थेरेसा को 1999 में शामिल किया गया था।

थेरेसा मे के कुछ विवादास्पद फैसले
सन 2010 में राष्ट्रपति थेरेसा ने होम ऑफिस संभाला। यहाँ उन्हें आतंकवाद, कानून-व्यवस्था और माइग्रेशन जैसे विषयों का उत्तरदायित्व मिला। उन्हें अपने शुरआती दिनों में दफ्तर ज्वाइन करने पर मुश्किलों का सामना करना पड़ा। थेरेसा के कार्यकाल में सरकारी कर्मचारी उनके आदेशों की नाफरमानी करते थे। इन सब के बाद थेरेसा ने अपनी जिद जूनून से सब को सबका सीखया।
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