मोबाइल और इन्टरनेट के जरिये जीतेंगे 2019 में चुनाव - पीएम मोदी

इस बार यूपी और उत्तराखंड में बीजेपी भारी मतों से जीती है। इस बड़ी जीत के साथ पीएम मोदी ने 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को भी जितने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। लेकिन आने वाले समय में मोदी जी मोबाइल के जरिये चुनाव जितना चाहते है। 

भाजपा सांसदों को मिशन 2019 के लिए विजय मंत्र देते हुए मोदी ने कहा कि अगला चुनाव मोबाइल फोन के जरिये लड़ा जाएगा।

राजनीतिक-सामाजिक परिदृश्य बदल रहा है - मोदी

यह सभी बाते शुक्रवार के दिन सांसदों के साथ हुए संवाद की आखिरी बैठक में हुई। इसमें नरेंद्र मोदी ने कहा कि राजनीतिक-सामाजिक परिदृश्य बदल रहा है। आज के वक्त में सोशल मीडिया सबसे प्रभावी संवाद माध्यम बन कर उभरा है। आप व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर आदि के जरिये लोगो से डायरेक्ट जुड़ सकते है।


सोशल मीडिया के जरिये कर सकते है सभी वर्गों के साथ संपर्क

ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि 2019 तक देश में 10 करोड़ से ज्यादा नए वोटर्स, 120 करोड़ मोबाइल और 73 करोड़ इंटरनेट यूजर्स होंगे। ऐसे में पीएम मोदी, मोबाइल पॉलिटिक्स के जरिये गेम जीतना चाहते है। 

पांच समूहों में सांसदों के साथ संवाद की आखिरी बैठक में मोदी ने कहा कि हमें हर व्यक्ति तक पहुँचाना है। प्रत्यक्ष रूप से हम हर जगह नहीं पहुंच सकते, लेकिन सोशल मीडिया के जरिये पहुँच सकते है। सोशल मीडिया एक ऐसी चीज़ है जिसके जरिये समाज के हर वर्ग के साथ संपर्क साधा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि अभी के चुनावों में भी सोशल मीडिया और मोबाइल फोन से बहुत मदद मिली है, क्योंकि जनता इससे जुड़ी है। मोदी ने कहा कि हमें भी इसी माध्यम के जरिये संवाद करना होगा।

मोदी ने कहा, “सियासत और संवाद दोनों के रूप बदल गए हैं, उसके साथ बदलकर ही हमें आगे बढ़ना होगा.”

यूपी चुनाव में बनाई थी हाईटेक सेल

जब 2014 के चुनाव में राजग की जीत हुई थी। तब भी सोशल मीडिया ने अहम भूमिका निभाई थी और यूपी चुनाव के दौरान भाजपा ने लखनऊ में मोदी सरकार के कामों का भरपूर प्रचार किया था। इन सब के मद्दे नजर, इंटरनेट और सोशल साइट्स पर लगातार सक्रिया रहकर पीएम की नजर शायद 2019 में भी युवाओं के भरोसे चुनाव जीतने की है।

पीएम मोदी का जोर मोबाइल पर क्यों?

देश में युवा मतदाताओं की संख्या और मोबाइल यूजर्स के आंकड़े यह दोनों देखते हुए मोदी को लगता है कि मोबाइल पॉलिटिक्स जीत हासिल करने का अच्छा जरिया है। दरहसल देश का 88% युवा  कंप्यूटर, मोबाइल और टैबलेट के जरिए सोशल साइट्स से जुड़ा है। आपको बता दे कि 31 दिसंबर 2016 तक भारत में 112 करोड़ मोबाइल यूजर थे। यह आकड़ा पिछले साल की तुलना में 96 प्रतिशत से ज्यादा है और अनुमान लगाया जा रहा है कि 2019 तक 120 करोड़ हो जायेगा।

सोशल साइट्स पर मोदी ही मोदी

सोशल साइट्स पर हर जगह प्रधानमंत्री मोदी ही छाये हुए है। फेसबुक और ट्विटर पर मोदी को पसंद करने वाले लोगों की संख्या लाखों में नहीं बल्कि करोड़ो में है। माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर पीएम मोदी के 28.6 मिलियन फॉलोअर्स है।

मोदी की लोकप्रियता सोशल साइट पर इतनी ज्यादा है कि जब लोकसभा चुनाव में जीत के बाद मोदी के ट्वीटभारत की विजयअच्छे दिन आने वाले हैंकिया तो इसको 51,000 बार री-ट्वीट और लाखों लोगों ने लाइक किया था।

   
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