विश्व के सबसे बड़े इस्लामिक देश इंडोनेशिया की राजकुमारी क्यों बन गई हिन्दू

जावा इंडोनेशिया की राजकुमारी ‘कांजीग राडन एयू महिंद्रानी कोसविद्यंति परमासी’ एक संगीत प्रेमी हैं।

9 months ago
विश्व के सबसे बड़े इस्लामिक देश इंडोनेशिया की राजकुमारी क्यों बन गई हिन्दू

जावा इंडोनेशिया की राजकुमारी ‘कांजीग राडन एयू महिंद्रानी कोसविद्यंति परमासी’ एक संगीत प्रेमी हैं। वह एक बेहतरीन पियानोवादक होने के साथ साथ एक अच्छी संगीतकार भी हैं।

राजकुमारी कांजीग अपने सभी रिश्तेदारों की तरह ही इस्लाम धर्म को मानती थीं, परन्तु पिछले साल के जुलाई महीने की 17वीं तिथि को बाली में स्थित किसी पवित्र स्थल पर उन्होंने शुद्धि प्रक्रिया के बाद सनातन हिन्दू धर्म की दीक्षा ले ली। इस शुद्धि की प्रक्रिया में प्राचीन हिन्दू संस्कृति की विधियां इस्तेमाल की गईं। 

वर्तमान परिस्थियों के अनुसार इंडोनेशिया में हिन्दू धर्म के मानने वाले अल्पसंख्यक कहलाते हैं पर यह भी एक ऐतिहासिक तथ्य है कि एक समय पर हिन्दू धर्म वहां का मुख्य धर्म हुआ करता था।

इंडोनेशिया एक ऐसा देश है जहाँ हमेशा से हर नए धर्म के लिए एक आकर्षण रहा है। जहाँ आरंभ से वहां हिन्दू धर्म के मानने वाले लोग रहते थे वहीं जब बौद्ध धर्म वहां पहुंचा तो वहां के लोग बौद्ध धर्म की तरफ आकर्षित हो गए और फिर कालांतर में जब वहां इस्लाम ने अपने पांव पसारे तो वहां के सारे लोगों ने इस्लाम अपना लिया। 

धार्मिक बदलावों के बाद भी वहां के लोगों ने कभी भी अपनी संस्कृति नहीं बदली और यही कारण है कि वहां की संस्कृति में आज भी हिन्दू संस्कृति की महक मिलती है। यही हिन्दू संस्कृति का मोह है जिससे इंडोनेशिया के लोग आज फिर एक बार हिन्दू धर्म की ओर वापिस जा रहे हैं। 

इंडोनेशियन राजकुमारी शुद्धि प्रक्रिया के बाद बहुत खुश नज़र आईं। शुद्धिकरण के सभी रीति रिवाज़ों के खत्म होने के बाद राजकुमारी ने कहा की वो बाली में एक हिन्दू आश्रम का निर्माण करवाएंगी। राजकुमारी के करीबी लोगो ने बताया की राजकुमारी बाली की आम जनता की शुक्रगुज़ार है । 

बाद में आम लोगों से बात करते हुए राजकुमारी ने कहा की वो उनके बड़े भाई की बहुत आभारी है क्योंकि उन्होंने इस शुद्धिकरण में उनका पूरा पूरा साथ दिया। इसके साथ हीं उन्होंने कहा की धर्म पथ पे वापस आने का मेरा बहुत पहले से मन था। उन्होंने बताया की शुद्दिकरण के बहुत पहले से हीं वो हिन्दू मंदिरों की प्रार्थनाओं का हिस्सा बनती थी और अब बस ये आधिकारिक हो गया है। 

राजकुमारी ने कहा की हिन्दू धर्म में आ कर वो स्वतंत्र महसूस कर रही है और वो जब भी किसी मंदिर की प्रधना में शामिल होती हैं तो मनमोहक शांति की अनुभूति करती हैं। राजकुमारी के मुताबिक़ जावा, कंजेंग महेन्द्राणी, उनका पूरा परिवार सबने हिन्दू धर्म में वापसी के उनके इस कदम का समर्थन किया। 

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