ट्रिपल तलाक़ पर मोदी का बड़ा बयान - सामाजिक बुराई खत्म करे, मुस्लिम बहनों को न्याय मिले

मुस्लिम समाज में तीन तलाक को लेकर काफी लम्बे समय

4 months ago
ट्रिपल तलाक़ पर मोदी का बड़ा बयान - सामाजिक बुराई खत्म करे, मुस्लिम बहनों को न्याय मिले

मुस्लिम समाज में तीन तलाक को लेकर काफी लम्बे समय से विवाद चल रहा है। पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस चर्चित मुद्दे पर अपनी राय जाहिर की है। 

बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दूसरी बैठक में मोदी ने तीन तलाक को लेकर बड़ा बयान भी दिया है। कुछ मीडिया के खबरों के मुताबिक पीएम मोदी ने रविवार 16 अप्रैल को कहा कि तीन तलाक से मुस्लिम महिलाये परेशान हो रही है। उन्होंने भाजपा के कार्यकर्ताओं से कहा कि वे जिले स्तर पर जाकर तीन तलाक के मामलों को देखें। 

मोदी जी ने यह भी कहा कि हम नहीं चाहते कि तीन तलाक के मामले को लेकर मुस्लिम समाज में टकराव हो। लेकिन हमारी मुस्लिम बहनों को भी न्याय मिलना चाहिए, किसी का शोषण नहीं होना चाहिए।

हालाँकि आपको बता दे कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने लखनऊ बैठक के बाद कहा था कि मुस्लिमों को अपने पर्सनल लॉ का पालन करने का 'संवैधानिक' हक है और तीन तलाक उसका हिस्सा है। वे नहीं चाहते है कि सरकार उनके मामले में दखल दे। लेकिन बोर्ड ने शरिया (इस्लामी कानून) के खिलाफ तलाक देने वालों का सामाजिक बहिष्कार करने का फरमान भी जारी किया।

मोदी ने बड़बोले नेताओं को भी नसीहत दी 

मोदी ने भाजपा के नेताओं को बड़बोलेपन से बचने की नसीहत भी दी। उन्होंने कहा -'वे संयम से काम करें, जीत से ज्यादा उत्साहित न हों। बड़बोलेपन से बचें और बयानबाजी न करें।

सामाजिक बुराई दूर होना चाहिए

मोदी के मुताबित अगर कोई सामाजिक बुराई है तो समाज को जागना चाहिए और न्याय प्रदान करने की दिशा में प्रयास करना चाहिए। आपको बता दे कि इससे पहले भी मोदी ने अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के सरकार के विधेयक के बारे में पार्टी के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान हस्तक्षेप किया था। 

उनके मुताबित मुस्लिम समुदाय के कुछ पिछड़े वर्ग ओबीसी कोटा का लाभ पहले से ही प्राप्त कर रहे है। मोदी ने भाजना नेताओं से इन वर्गो तक पहुंचने को कहा और कहा कि एक ऐसा आयोग मुस्लिम समुदाय की चिंताओं को भी ध्यान रखेगा।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने जानकारी दी है कि ओबीसी कोटा में विभिन्न धर्मो के मानने वाले शामिल हैं जिसमे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति कोटा से अलग है। अज, अजजा कोटा हिन्दु समुदाय के वर्गो के लिए है।




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