प्रशांत भूषण ने कहा, कृष्ण लड़कियां छेड़ते थे - लोगों ने कहा, सटकेले बुढ़ऊ आ…थु

मसहूर वकील और आम आदमी पार्टी के सदस्य रह चुके प्र...

8 months ago
प्रशांत भूषण ने कहा, कृष्ण लड़कियां छेड़ते थे - लोगों ने कहा, सटकेले बुढ़ऊ आ…थु

मसहूर वकील और आम आदमी पार्टी के सदस्य रह चुके प्रशांत भूषण ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा गठित किये गए 'एंटी रोमियो स्क्वॉड' के खिलाफ अप्पतिजनक बयान देते हुए इसे भगवान् कृष्ण से जोड़ने की कोशिश की। उन्होंने 'एंटी रोमियो स्क्वॉड' की आलोचना करते हुए भगवान कृष्ण से छेड़खानी करने वालों की तुलना कर दी है। साथ ही उन्होंने रोमियो को प्यार करने वाला करार दिया है।

प्रशांत भूषण ने यह कमेंट ट्विटर पर ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा 'रोमियो सिर्फ एक महिला से प्यार करता था, जबकि कृष्णा प्रसिद्ध ईव टीजर थे. आदित्यनाथ में इतनी हिम्मत है कि वह एंटी कृष्ण स्क्वॉड बना सकें.'


प्रशांत भूषण का ट्वीट

प्रशांत भूषण ने एक ट्वीट कर रोमियो और श्रीकृष्ण की तुलना की. भूषण ने लिखा, 'रोमियो ने अपने जीवन में केवल एक ही लड़की से प्यार किया, जबकि कृष्ण तो कई लड़कियों के साथ छेड़खानी करने के लिए मशहूर हैं.'

दरअसल, प्रशांत भूषण ने यह ट्वीट स्वराज इंडिया के प्रवक्ता अनुपम के ट्वीट कोट कर किया है। अनुपम ने अपने ट्वीट में लिखा कि 'हम आश्चर्यचकित न हों यदि इंग्लैंड में छेड़खानी की घटनाएं रोकने के लिए एंटी कृष्णा स्क्वॉड बना दिया जाए.'  

भूषण के इस ट्वीट की आलोचना करते हुए बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने जवाब देते हुए कहा 'कृष्ण को समझने में कई जन्म लेने पड़ेंगे. कितनी आसानी से कृष्ण को राजनीति में घसीट लाए. दुख की बात है.'

प्रशांत भूषण के ट्वीट पर लोगों की प्रतिक्रिया-

आपको बता दें कि जब से योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है। तभी से एक के बाद एक वो कड़े फैसले लेते आ रहे है। जो आवश्यक भी थे, खासकर लड़कियों और महिलाओ के साथ छेड़खानी रोकना, अवैध बूचड़खानों को बंद करना आदि। 

वैसे तो योगी ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान ही इन सभी बातों को जनता के समक्ष रख दिया था और उसी के अनुसार वो काम भी कर रहे है। लेकिन सोचने वाली बात यह है कि एक तरफ जब अखिलेश यादव की सरकार थी। तब यूपी की क्या हालात थी ये जग जाहिर है, परंतु अब योगी सरकार बहुत अच्छे कदम उठा रही है। तब भी दुरसि पार्टियों उन पर कमेंट करने से बाज नहीं आ रही है। इस बात से तो यही लग रहा है कि दूसरी पार्टी के लोगों को अपना भविष्य दिखने लगा है और उन्हें लगने लगा है कि जनता अब समझदार हो गई है। वो इतनी आसानी से किसी की बातों में आने वाली नहीं है।


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