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क्या है सीबीआई घूसकांड और क्यों भीड़ गए दो शीर्षस्थ सीबीआई अधिकारी आपस में?

देश में होने वाले बड़े बड़े अपराध की जाँच करने वाली केंद्री...

10 months ago
क्या है सीबीआई घूसकांड और क्यों भीड़ गए दो शीर्षस्थ सीबीआई अधिकारी आपस में?

देश में होने वाले बड़े बड़े अपराध की जाँच करने वाली केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) आज खुद जाँच के घेरे में है। 

SIT का नेतृत्व कर रहे राकेश अस्थाना जो मीट व्यापारी मोईन कुरैशी के केस की जाँच कर रहे थे उन पर आरोप है कि इस केस में मोईन कुरैशी को बरी करने के लिए उन्होंने रिश्वत ली। बिजनस मैन सतीश सना की शिकायत पर CBI ने अपने स्पेशल डायरेक्टर “राकेश अस्थाना” पर FIR दायर की है जिसमे हवाला और मनीलांड्रिंग के आरोपी और मीट व्यापारी मोईन कुरैशी से 3 करोड़ की रिश्वत लेने का दावा किया गया है। सतीश सना का यह बयान मजिस्ट्रेट के सामने दायर कराया गया जो कोर्ट में भी मान्य होगा। इस पूरे मामले में राकेश अस्थाना ने कहा कि CBI चीफ आलोक वर्मा द्वारा उन्हें फसाया जा रहा है। 

कौन है राकेश अस्थाना 

गुजरात कैडर के 1984 बैच के IPS अधिकारी रहे राकेश अस्थाना ने 1996 में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को गिरफ्तार किया था, तब से ये चर्चा में आये। फिर 2002 में गोधराकांड की जाँच की जिम्मेदारी इन्हे मिली। अस्थाना ने सार्वजनिक रूप से यह बयान दिया था कि ट्रैन की आग सोची समझी साजिश थी।  इस तरह इन्होने देश के कई हाई प्रोफाइल केस की जाँच का जिम्मा संभाला। 

पूरे मामले में सरकार और विपक्ष के तर्क 

केंद्र सरकार ने इस मामले की जाँच कराने के आदेश दिए है। केंद्र सरकार द्वारा CBI निर्देशक आलोक वर्मा को छुट्टी दे दी है और CBI डायरेक्टर राकेश अस्थाना को सभी प्रकार की ज़िम्मेदारी से मुक्त कर दिया है। वही विपक्ष और अन्य पार्टियों ने यह आरोप लगाया है कि अस्थाना मोदी जी के प्रिय अधिकारी है। केंद्र सरकार की तरफ से अरुण जेटली ने कहा की जांच पूरी होने तक दोनों को कार्यभार से मुक्त कर दिया गया है। 

नागेश्वर राव ने संभाली CBI की कमान 

CBI निर्देशक आलोक वर्मा को छुट्टी दिए जाने के बाद तेलंगाना के रहने वाले 1986 बेंच के IPS अधिकारी नागेश्वर राव को CBI का अंतरिम निदेशक बनाया गया है। नागेश्वर राव को एक सख्त ऑफिसर के रूप में जाना जाता है। इन्हे राष्ट्रपति पुरस्कार एवं स्पेशल ड्यूटी मैडल जैसे कई अलग अलग पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।

नागेश्वर राव ने पद संभालते ही CBI कार्यालय को सीज़ करके इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े सभी अधिकारियों का तबदला करके एक नई टीम का गठन कर दिया गया।

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